Archive for the ‘Ayurveda’ Category

For Eye Problems

Posted: January 20, 2011 in Ayurveda

पहला प्रयोगः इन्द्रवरणा (बड़ी इन्द्रफला) के फल को काटकर अंदर से बीज निकाल दें। इन्द्रवरणा की फाँक को रात्रि में सोते समय लेटकर आँख के ऊपर ललाट पर बाँध दें। आँख में उसका पानी न जाये, यह सावधानी रखें। इस प्रयोग से नेत्रज्योति बढ़ती है।

दूसरा प्रयोगः त्रिफला चूर्ण को रात्रि में पानी में भीगोकर, सुबह छानकर उस पानी से आँखें धोने से नेत्रज्योति बढ़ती है। (more…)

To Heal Stone Problem in Stomach

Posted: January 20, 2011 in Ayurveda

पथरी (Stones)-

पहला प्रयोगः पानफुटी के पत्तों का 20 ग्राम रस अथवा सहजने की जड़ का 20 से 50 मि.ली. काढ़ा या मुनक्के (काली द्राक्ष) के 50 मि.ली. काढ़े का सेवन पथरी में लाभदायक है।

दूसरा प्रयोगः गोखरू के बीजों का पाव तोला (3 ग्राम) चूर्ण भेड़नी के दूध के साथ सात दिन पीने से लाभ होता है। (more…)

To Heal Urinary Problem

Posted: January 20, 2011 in Ayurveda

पहला प्रयोगः केले की जड़ के 20 से 50 मि.ली. रस को 50 से 100 मि.ली. गोमूत्र के साथ मिलकर सेवन करने से तथा जड़ पीसकर उसका पेडू पर लेप करने से पेशाब खुलकर आता है।

दूसरा प्रयोगः आधा से 2 ग्राम शुद्ध शिलाजीत, कपूर और 1 से 5 ग्राम मिश्री मिलाकर लेने से अथवा पाव तोला (3 ग्राम) कलमी शोरा उतनी ही मिश्री के साथ लेने से लाभ होता है। (more…)

For Asthama Disease

Posted: December 24, 2010 in Ayurveda

 

पहला प्रयोगः सरसों के तेल में नमक डालकर दमा के रोगी के छाती की मालिश करनी चाहिए। रोगी को खुली हवा तथा पंखें की हवा से बचना चाहिए। प्रतिदिन काली मिर्च, हल्दी में उड़द के पाउडर की धूनी नाक से लेने तथा भस्रिका प्राणायाम करने से बहुत लाभ होता है।

दूसरा प्रयोगः बहेड़े की 1 से 2 ग्राम छाल की 2 से 10 ग्राम शहद के साथ लेने से श्वास रोग में तथा हरड़ एवं सोंठ को समान मात्रा में मिलाकर आधा-आधा चम्मच चूर्ण रोज लेने से दमा, श्वास, खाँसी एवं कमरदर्द में लाभ होता है। (more…)

To Heal Flu and Cough Problems

Posted: December 21, 2010 in Ayurveda

 

सर्दी-जुकामः

सर्दी-जुकाम में आगे के प्रकरण के अनुसार उपवास करें।

पहला प्रयोगः गर्म दूध में 1 से 2 ग्राम पिसी सोंठ मिलाकर अथवा तुलसी के पत्ते का 2 से 10 मि.ली. रस एवं अदरक के 2 से 20 मि.ली. रस में एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो तीन बार लेने से सर्दी में लाभ होता है।

दूसरा प्रयोगः 5 से 10 ग्राम पुराना गुड़ एवं 2 से 10 ग्राम अदरक मिलाकर खाने से अथवा आधी कटोरी हल्दी उबालकर देने से सर्दी में लाभ होता है। (more…)

For Acidity Problems

Posted: December 21, 2010 in Ayurveda

 पहला प्रयोगः एक लीटर कुनकुने पानी में 8-10 ग्राम सेंधा नमक डालकर पंजे के बल बैठकर पी जायें। फिर मुँह में उँगली डालकर वमन कर दें। इस क्रिया को गजकरणी कहते हैं। सप्ताह में एक बार करने से अम्लपित्त सदा के मिट जाता है।

दूसरा प्रयोगः आँवले का मुरब्बा खाने अथवा आँवले का शर्बत पीने से अथवा द्राक्ष (किसमिस), हरड़े और मिश्री के सेवन से अम्लपित्त में लाभ होता है। (more…)

To Heal Stomach Diseases

Posted: December 21, 2010 in Ayurveda

 

मंदाग्नि और अजीर्णः

पहला प्रयोगः 2 से 5 ग्राम पकी निबौली अथवा अदरक में 1 ग्राम सेंधा नमक लगाकर खाने से या लौंग एवं लेंडीपीपर के चूर्ण को मिलाकर 1 से 3 ग्राम चूर्ण को शहद के साथ सुबह-शाम लेने से मंदाग्नि मिटती है। यह प्रयोग दो सप्ताह से अधिक न करें।

दूसरा प्रयोगः भोजन से पूर्व 2 से 5 मिलिलीटर नींबू एवं 5 से 10 मिलिलीटर अदरक के रस में सेंधा नमक डालकर पीने से मंदाग्नि, अजीर्ण एवं अरुचि में लाभ होता है।

तीसरा प्रयोगः हरड़े एवं सोंठ का 2 से 5 ग्राम चूर्ण सुबह खाली पेट लेने से मंदाग्नि में लाभ होता है। (more…)

To Heal Mouth Diseases

Posted: December 21, 2010 in Ayurveda

मुँह में छालेः

पहला प्रयोगः पान में उपयोग किया जाने वाला कोरा कत्था लगाने से छाले में राहत होती है।

दूसरा प्रयोगः सुहागा एवं शहद मिलाकर छालों पर लगाने से या मुलहठी का चूर्ण चबाने से छालों में लाभ होता है।

तीसरा प्रयोगः मुँह के छालों में त्रिफला की राख शहद में मिलाकर लगायें। थूक से मुँह भर जाने पर उससे ही कुल्ला करने से छालों से राहत मिलती है।

छाले कब्जियत अथवा जीर्ण ज्वर के कारण होते हैं। अतः इन रोगों का उपचार करें। (more…)

For Teeth Related Diseases

Posted: December 21, 2010 in Ayurveda

 

दाँत की सफाई तथा मजबूतीः

पहला प्रयोगः नींबू के छिलकों पर थोड़ा-सा सरसों का तेल डालकर दाँत एवं मसूढ़ों को घिसने से दाँत सफेद एवं चमकदार होते हैं, मसूढ़े मजबूत होते हैं, हर प्रकार के जीवाणुओं का नाश होता है तथा पायरिया आदि रोगों से बचाव होता है।

मशीनों से दाँत की सफाई इतनी हितकारी नहीं है।

दूसरा प्रयोगः बड़ और करंज की दातौन करने से दाँत मजबूत होते हैं। (more…)

For Blood Presure

Posted: December 12, 2010 in Ayurveda

पहला प्रयोगः निम्न रक्तचाप (Low Blood Pressure) तथा उच्च रक्तचाप (High B.P.) वास्तव में कोई रोग नहीं है अपितु शरीर में अन्य किसी रोग के लक्षण हैं। निम्न रक्तचाप में केवल ‘ॐ’ का उच्चारण करने से तथा 2 से 5 ग्राम पीपरामूल का सेवन करने से एवं नींबू के नमक डाले हुए शर्बत को पीने से लाभ होता है।

उच्च रक्तचाप में ‘ॐ शांति’ मंत्र का जप कुछ भी खाने से पहले एवं बाद में करने से तथा बारहमासी के 11 फूल के सेवन से लाभ होता है।

दूसरा प्रयोगः रतवेलिया (जलपीपली) का 5 ग्राम रस दिन में एक बार पीने से उच्च रक्तचाप नियंत्रित होता है। यह रतवा में भी लाभदायक है। (more…)

Diabetes Solutions

Posted: October 16, 2010 in Ayurveda

 

Excess sugar in blood and urine state the symptoms of daibetes.Here we are showing an examined and effective house hold method to control the diabetes diseases here.

Material- Dried neem leaves 20 grams, Gudmaar 80 grams, bilona’s mingi 40 grams, black berry kernel’s mingi 40 grams and 60 grams of bel leaves (more…)

Take Bramhi with Rope and Wash it from Pure Water and Make the powder of Bramhi than filter it from Cloth. After that take 10% of Bramhi power and mix 60% Pure ghee of cow, also mix Haldi, Awala, Koot, Nisot, Harad, 40% and Peepal, Wayawiding, Black Salt, Misri and Bacch 10% after mixing it Cook it slowly, When you will see steam (more…)

Solutions for Addicts

Posted: August 16, 2010 in Ayurveda

If a person drinks too much, his wife should  spinning wheel running on Saturday and Tuesday. Who does too much alcohol, his wife should wash her feet’s Bichiya with water and then she should put some wine on the Bichiya from the bottle of husband. At Puarnamashi or Tryodshi she should take some alcohol from the bottle of wine and put into (more…)

Feeling Tired…? Use This Solution

Posted: August 16, 2010 in Ayurveda

 

Are you feeling always tired from some small works? Are you Lazy? Your body not well to do any work? You need rest, rest and only rest always?

Solutions-

1. From your two fingers do massage of your face, from that blood circulation will be increase so you feel your Lassitude gone. (more…)

Aroma Therapy

Posted: August 15, 2010 in Ayurveda

 

Abdominal pain problem

mix 3 drops peppermint oil,  2 drops eucalyptus oil and one spoon vegetable oil and start massage of that area where you have pain. If you have pain somewhere else in stomach then mix gingerium oil 2 drops, rosemary oil 2 drops and one drop ginger oil and one spoon vegitable oil and do massage from light pressure of hands. (more…)

Face Pack and Scrub

Posted: August 13, 2010 in Ayurveda

Before using any costly face pack scrub u should use this home-made face pack and scrub. before 1 month of marriage u should use it for best result and beautiful glowing skin-

FOR OILY SKIN- 2 scoop yellow clay, 1 big scoop mint powder, and 1/2 scoop fenugreek powder (more…)

Usage of Garlic

Posted: August 13, 2010 in Ayurveda

Garlic is very useful for impotence disease also its very beneficial for throat problems. everyone should eat it in winter season for best results. it is helpful for toothache and if you have swelling in gums than make paste of garlic (more…)

Vomiting Solutions

Posted: August 12, 2010 in Ayurveda

Mix lemon juice into a glass of water and some sugar and drink it. It’s very beneficial in vomiting problem.

Fry the mung then take 20 grams mung and make syrup, mix honey or sugar into half cup of syrup and drink it. (more…)

For Strong Memory Power

Posted: August 12, 2010 in Ayurveda

 

1. बादाम ९ नग रात को पानी में गलाएं।सुबह छिलके उतारकर बारीक पीस कर पेस्ट बनालें। अब एक गिलास दूध गरम करें और उसमें बादाम का पेस्ट घोलें। इसमें ३ चम्मच शहद भी डालें।भली प्रकार उबल जाने पर उतारकर मामूली गरम हालत में पीयें। यह मिश्रण पीने के बाद दो घंटे तक कुछ न लें। यह स्मरण शक्ति वृद्दि करने का जबर्दस्त उपचार है। दो महीने तक करें। (more…)

Oil Solutions

Posted: August 12, 2010 in Ayurveda

अलसी का तेल : इसके तेल में विटामिन ‘ई’ पाया जाता है। कुष्ठ रोगियों को इसके तेल का सेवन करने से अत्यंत लाभ होता है। आग से जले हुए घाव पर इसके तेल का फाहा लगाने से जलन और दर्द में तुरंत आराम मिलता है। अलसी को भूनकर बकरी के दूध में पकाकर पुल्टिस बाँधने से फोड़े का दर्द बंद हो जाता है और फोड़ा फूट जाता है। (more…)

For Sharp Memory Power

Posted: August 12, 2010 in Ayurveda

1. In night, soak one almond in water and take off its peel in morning. Grind it and make its paste. After that, boil a glass of milk and mix almond paste in it and pour 3 spoons of honey as well. When it boils properly. Then leave it aside and drink it when it is not too hot and not cold. After drinking this, don’t speak till 2 hours. It will increase your memory power. Do this process regularly up to 2 months. (more…)

Ayurvedic Syrup for Diseases

Posted: July 16, 2010 in Ayurveda

दशमूल काढ़ा : विषम ज्वर, मोतीझरा, निमोनिया का बुखार, प्रसूति ज्वर, सन्निपात ज्वर, अधिक प्यास लगना, बेहोशी, हृदय पीड़ा, छाती का दर्द, सिर व गर्दन का दर्द, कमर का दर्द दूर करने में लाभकारी है व अन्य सूतिका रोग नाशक है।

महामंजिष्ठादि काढ़ा : समस्त चर्म रोग, कोढ़, खाज, खुजली, चकत्ते, फोड़े-फुंसी, सुजाक, रक्त विकार आदि रोगों पर विशेष लाभकारी है। (more…)

१) चर्बी घटाने के लिये व्यायाम बेहद आवश्यक उपाय है।एरोबिक कसरतें लाभप्रद होती हैं। आलसी जीवन शैली से मोटापा बढता है। अत: सक्रियता बहुत जरूरी है।

२) शहद मोटापा निवारण के लिये अति महत्वपूर्ण पदार्थ है। एक चम्मच शहद आधा चम्मच नींबू का रस गरम जल में मिलाकर लेते रहने से शरीर की अतिरिक्त चर्बी नष्ट होती है। यह दिन में ३ बार लेना कर्तव्य है।

३) पत्ता गोभी(बंद गोभी) में चर्बी घटाने के गुण होते हैं। इससे शरीर का मेटाबोलिस्म ताकतवर बनता है। फ़लत: ज्यादा केलोरी का दहन होता है। इस प्रक्रिया में चर्बी समाप्त होकर मोटापा निवारण में मदद मिलती है। (more…)

Magics of Ghee

Posted: July 13, 2010 in Ayurveda

एक चम्मच शुद्ध घी, एक चम्मच पिसी शकर, चौथाई चम्मच पिसी कालीमिर्च तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय चाटकर गर्म मीठा दूध पीने से आँखों की ज्योति बढ़ती है।

एक बड़े कटोरे में 100 ग्राम शुद्ध घी लेकर इसमें पानी डालकर हलके हाथ से फेंटकर लगाकर पानी फेंक दें। यह एक बार घी धोना हुआ। ऐसे 100 बार पानी से घी को धोकर कटोरे को थोड़ी देर के लिए झुकाकर रख दें, ताकि थोड़ा बहुत पानी बच गया हो तो वह भी निकल जाए। अब इसमें थोड़ा सा कपूर डालकर मिला दें और चौड़े मुँह की शीशी में भर दें। यह घी, खुजली, फोड़े फुंसी आदि चर्म रोगों की उत्तम दवा है। (more…)

Ayurwedic Beauty Tips

Posted: June 16, 2010 in Ayurveda

चेहरे पर बादाम के तेल की मालिश करने से इसके रोमकूप खुलते है।

चेहरे पर गुलाबी पन लाने के लिए नहाने से पहले कच्‍चे दूध मे निंबू का रस व नमक मिला कर मलें।

शहद मे ज़रा-सी हलदी मिला कर चेहरे पर लगाएं इससे चेहरे की मैल निकलने से चेहरा साफ व ताज़गी भरा बना रहेगा। (more…)

Ayurweda Sanjivani

Posted: June 16, 2010 in Ayurveda

सुपारी पाक : बच्चा होने के बाद महिलाओं को इसका सेवन करना चाहिए। इसके सेवन से गर्भावस्था और प्रसवकाल की दुर्बलता दूर होकर शरीर पुष्ट व स्वास्थ्य उन्नत होता है। रक्तपित्त, क्षय, उरक्षत, प्रमेह नाशक, व वीर्यवर्धक, प्रदर रोग नाशक, मूत्रघात नाशक, गर्भाशय संबंधी रोगों में लाभकारी। मात्रा 10 से 15 ग्राम-प्रातः सायं दूध से। (more…)

१—कब्ज का मूल कारण शरीर मे तरल की कमी होना है। पानी की कमी से आंतों में मल सूख जाता है और मल निष्कासन में जोर लगाना पडता है। अत: कब्ज से परेशान रोगी को दिन मे २४ घंटे मे मौसम के मुताबिक ३ से ५ लिटर पानी पीने की आदत डालना चाहिये। इससे कब्ज रोग निवारण मे बहुत मदद मिलती है। (more…)

 

1. Eat Tulsi seed 1 gram with 1 Gram crystallized sugar 2 times in a day or Fenugreek 20ml to 50ml boil in water than mix with honey and eat it two times in a day.

2. Get powder of  arjun tree barks and mix it in a glass of water mixed with milk, drink it 2 times in a day! garlic gooseberry honey ginger raisin grapes carom seeds pomegranate also very helpful in heart diseases. (more…)

Ayurvedic Treatment For Migraine

Posted: March 16, 2010 in Ayurveda

1.  बादाम १०-१२ नग प्रतिदिन खाएं। यह माईग्रेन का बढिया उपचार है।

2. बन्ड गोभी को कुचलकर एक सूती कपडे में बिछाकर मस्तक (ललात) पर बांधें। रात को सोते वक्त या दिन में भी सुविधानुसार कर सकते हैं। जब गोभी का पेस्ट सूखने लगे तो नया पेस्ट बनाककर पट्टी बांधें। मेरे अनुभव में यह माईग्रेन का सफ़ल उपाय हैं। (more…)

Ayurwedic Powder

Posted: March 15, 2010 in Ayurveda

अश्वगन्धादि चूर्ण : धातु पौष्टिक, नेत्रों की कमजोरी, प्रमेह, शक्तिवर्द्धक, वीर्य वर्द्धक, पौष्टिक तथा बाजीकर, शरीर की झुर्रियों को दूर करता है। मात्रा 5 से 10 ग्राम प्रातः व सायं दूध के साथ।

अविपित्तकर चूर्ण : अम्लपित्त की सर्वोत्तम दवा। छाती और गले की जलन, खट्टी डकारें, कब्जियत आदि पित्त रोगों के सभी उपद्रव इसमें शांत होते हैं। मात्रा 3 से 6 ग्राम भोजन के साथ। (more…)

तुलसी के १५-२० पत्ते पानी से साफ़ करलें फ़िर उन पर काली मिर्च का पावडर बुरककर खाने से दमा मे राहत मिलती है।

२) एक केला छिलका सहित भोभर या हल्की आंच पर भुन लें। छिलका उतारने के बाद काली मिर्च का पावडर उस पर बुरककर खाने से श्वास की कठिनाई तुरंत दूर होती है।

३) दमा के दौरे को नियंत्रित करने के लिये हल्दी एक चम्मच दो चम्मच शहद में मिलाकर चाटलें। (more…)

Remedies For Night Fall

Posted: February 16, 2010 in Ayurveda

पहला प्रयोगः बेल के पत्तों का 10 से 50 मि.ली. रस 2 से 10 ग्राम शहद डालकर पीने से अथवा 1 से 2 ग्राम हरड़ को उतनी ही मिश्री के साथ खाने से स्वप्नदोष में लाभ होता है।

दूसरा प्रयोगः ठीक से पके हुए दो केलों को छीलकर मसल डालें। उसमें हरे आँवलों का रस एवं शुद्ध शहद एक-एक तोला मिलाकर प्रातः-सायं सेवन करने से स्वप्नदोष में लाभ होता है। यह प्रयोग थोड़े दिन करें। (more…)

Principle of Ayurweda

Posted: February 14, 2010 in Ayurveda

प्रश्न – गुण किन्हें कहते हैं ?

उत्तर – जिन लक्षणों से पद्धार्थ का अनुमान हो उन्हें गुण कहते हैं । शब्द (Sound), स्पर्श (Contact), रूप (Form), रस (Juice), गंध (Smell), गुरु (भारी, Heavy), लघु (हल्का, Light), शीत (ठंडा, Cold), उष्ण (गर्म, Hot), स्निग्ध (चिकना, Oily), रूक्ष (रूखा, Mangy), मन्द (धीमा, Slow), तीक्ष्ण (तेज, Fast), स्थिर (Stable) , सर (Unstable), मृदु (कोमल, Soft), कठिन (Hard), विशद (भुरभुरा, Brittle), पिच्छिल (चिपचिपा), श्लक्ष्ण (Smooth), खर (Rough), सूक्ष्म (Micro), स्थूल (Macro), सान्द्र (Humid), द्रव (Liquid); ये गुण हैं । (more…)

अकीक भस्म : हृदय की निर्बलता, नेत्र विकार, रक्त पित्त, रक्त प्रदर आदि रोग दूर करती है। (नाक-मुंह से खून आना) मात्र 1 से 3 रत्ती।

अकीक पिष्टी : हृदय और मस्तिष्क को बल देने वाली तथा वात, पित्त नाशक, बल वर्धक और सौम्य है।

अभ्रक भस्म (साधारण) : हृदय, फेफड़े, यकृत, स्नायु और मंदाग्नि से उत्पन्न रोगों की सुप्रसिद्ध दवा है। श्वास, खांसी, पुराना बुखार, क्षय, अम्लपित्त, संग्रहणी, पांडू, खून की कमी, धातु दौर्बल्य, कफ रोग, मानसिक दुर्बलता, कमजोरी आदि में लाभकारी है। मात्रा 3 से 6 रत्ती शहद, अदरक या दूध से। (more…)

Ayurwedic Beauty Tips

Posted: January 13, 2010 in Ayurveda

 

1. तेज गंघवाले शैंपू का इस्तेमाल करने के बजाय अपने हेअर ब्रश के दांतो का परफ्यूम छिडकें और इससे कंघी करें। सारे दिन आपके बालों से गजब की महक आएगी। तेज गंघवाले शैंपू बालों को हानि पहुँचाते है। बाल भी सलामत रहेंगे और दिनभर आपको मनपसंद खुशबू भी मिलती रहेगी।

2. एडियों पर नियमित पेट्रोलियम जैली लगाने के बाद 20 मिनट तक सूती मोजे पहन कर रखें। आपकी एडियां कभी नहीं फटेंगी। (more…)

अगस्ति सूतराज रस : संग्रहणी अतिसार, आमांश शूल व मंदाग्नि में। मात्रा 1 रत्ती प्रातः व सायं भुना जीरा, मठा या शहद में।

अग्नि तुंडी वटी : मंदाग्नि, पेट फूलना व हाजमे के लिए तथा अजीर्ण के दस्त बंद करती है। मात्रा 1 से 3 रत्ती।

अग्नि कुमार रस : अजीर्ण, मंदाग्नि एवं पेट दर्द आदि में। मात्रा 1 से 3 रत्ती। (more…)

 

१) गाजर और ककडी का रस प्रत्येक १०० मिलिलिटर की मात्रा में मिलाकर दिन में दो बार पीयें। अत्यन्त लाभ दायक उपाय है।

२) नींबू का रस ५० मिलिलिटर की मात्रा में सुबह खाली पेट पीयें। यह उपाय एक सप्ताह तक जारी रखना उचित है।

३) सूरजमुखी या ओलिव आईल ३० मिलि खाली पेट पीयें।इसके तत्काल बाद में १२० मिलि अन्गूर का रस या निम्बू का रस पीयें। यह विधान कुछ हफ़्तों तक जारी रखने पर अच्छे परिणाम मिलते हैं। (more…)

Remedies For Vitiligo (Safed Daag)

Posted: March 14, 2009 in Ayurveda

दस लीटर पानी में आधा किलो हल्दी का पावडर मिलाकर तेज आंच पर उबालें जब ४ लीटर के करीब रह जाय तब उतारकर ठंडा करलें और इसमें आधा किलो सरसों का तेल मिला दें,यह दवा सफ़ेद दाग पर दिन में दो बार लगावें। ४-५ माह तक ईलाज चलाने पर अनुकूल परिणाम प्राप्त होते हैं।

२.) बाबची के बीज इस बीमारी की प्रभावी औषधि मानी गई है।५० ग्राम बीज पानी में ३ दिन तक भिगोवें। पानी रोज बदलते रहें।बीजों को मसलकर छिलका उतारकर छाया में सूखालें। पीस कर पावडर बनालें।यह दवा डेढ ग्राम प्रतिदिन पाव भर दूध के साथ पियें। इसी चूर्ण को पानी में घिसकर पेस्ट बना लें। यह पेस्ट सफ़ेद दाग पर दिन में दो बार लगावें। अवश्य लाभ होगा। दो माह तक ईलाज चलावें। (more…)

For Physical Health

Posted: March 13, 2009 in Ayurveda

1 से 2 ग्राम सोंठ एवं उतनी ही शिलाजीत खाने से अथवा 2 से 5 ग्राम शहद के साथ उतना ही अदरक लेने से शरीर पुष्ट होता है।

· 3 से 5 अंजीर को दूध में उबालकर या अंजीर खाकर दूध पीने से शक्ति बढ़ती है।

· 1 से 2 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण को आँवले के 10 से 40 मि.ली. रस के साथ 15 दिन लेने से शरीर में शक्ति आती है। (more…)

पदार्थ परिवर्तन कितना अच्छा लगता है ना सुनकर, एक पदार्थ का दूसरे पदार्थ में रूपांतरण. सदियों से इस विषय को समझने की सीखने की पर,ये सिर्फ पढ़ने और सुनने में ही सहज लगता है ये विषय इतना सरल है नहीं और ना ही इस विषय के रहस्य ही इतने सहज प्राप्य है की जिनका ज्ञान पाकर हम इस दिव्य विषय में पारंगतता हासिल कर सके. एक बात मैं आपको बता दूँ .‘सूत रहस्यम’ एक ऐसा ही ग्रन्थ है जिसमे मैंने सूर्य विज्ञानं और पारद तंत्र के अत्यधिक गोपनीय रहस्यों को  प्राप्त कर लिखा है. उसी ग्रन्थ में से कुछ विधियों और रहस्यों को क्रमशः ‘तंत्र-कौमुदी’ के इन पन्नों पर प्रति अंक हम देते रहेंगे. इस बार का ये लेख उसी की कड़ी है. (more…)